ⓘ हिन्दू धर्म

धर्म

धर्म एकटा निश्चित जीवन-पद्धति अछि जौन विश्वक आ जीवन के संबन्धमें एकटा निश्चित आध्यात्मिक आस्था आर दृष्टिकोण आधारित होखएत अछि। धर्मक सर्बप्रमुख बिसेसता अछि आस्था आ बिस्वास पर आधारित दृष्टिकोण, आ जीवनक अपूर्णता आ श्रेष्ठ की ओर जाएलक कोसिस।

हिन्दू सङ्गठनसभक सूची

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ब्राह्मण

ब्राह्मण हिन्दू वर्ण व्‍यवस्‍थाएक वर्ण छी। यस्क मुनिक निरुक्तक अनुसार, ब्रह्म जानाति ब्राह्मण: अर्थात् ब्राह्मण ओ छी जे ब्रह्म कऽ जनैत होए। अतः ब्राह्मणक अर्थ अछि ईश्वर कऽ ज्ञाता । यद्यपि भारत आ नेपालमे ब्राह्मणसभक जनसङ्ख्या बहुत न्यून अछि, तथापि धर्म, संस्कृति, कला तथा शिक्षाक क्षेत्रमे एकरसभक योगदान अपरिमित अछि।

पुराण

पुराण, हिन्दुसभक धर्मसम्बन्धी आख्यानग्रन्थ छी जहिमे सृष्टि, लय, प्राचीन ऋषिसभ, मुनिसभ आ राजासभक वृत्तात आदि अछि । ई वैदिक कालक बहुतेक बादक ग्रन्थ छी, जे स्मृति विभागमे आबैत अछि । भारतीय जीवन-धारामे जे ग्रन्थसभक महत्वपूर्ण स्थान छी वाहिमे पुराण भक्ति-ग्रन्थसभक रूपमे बहुत महत्वपूर्ण मानल जाएत अछि । अठारह पुराणसभमे अलग-अलग देवी-देवतासभक केन्द्र मानि पाप आ पुण्य, धर्म आ अधर्म, कर्म आ अकर्मक गाथासभ कहल गेल अछि । किछ पुराणसभमे सृष्टिक आरम्भ सँ अन्त धरिक विवरण कएल गेल अछि । एहिमे हिन्दू देवी-देवतासभक आ पौराणिक मिथकसभक बहुत निक सँ वर्णन अछि ।

वेद

वेद विश्वक सभ धर्म ग्रन्थसभक पिता छी । वेद सँ ही साभार करि अन्य धर्मशास्त्रक पुस्तकसभ निर्माण कएल गेल अछि । वेद हिन्दूसभक सभसँ पैग ग्रन्थ छी । वेद शब्द संस्कृत भाषाक "विद्" धातु सँ बनल अछि जेकर अर्थ अछि: जान्नाइ, ज्ञान इत्यादि । वेद हिन्दू धर्मक प्राचीन पवित्र ग्रन्थसभक नाम छी । वेदसभक श्रुति सेहो कहल जाइत् अछि, किया की पहिले मुद्रणक व्यवस्था नै भेलासँ एकर एक दोसर सँ सुनिके सम्झना राखल गेल एही प्रकार वेद प्राचीन भारतक वैदिक कालक वाचिक/श्रुति = श्रवण परम्पराक अनुपम कृति छी जे पीढी दर पीढी चार-पाँच हजार वर्ष सँ चलि आएल रहल अछि। वेद ही हिन्दू धर्मक सर्वोच्च आ सर्वोपरि धर्मग्रन्थ छी ।

राम नवमी

राम नवमी हिन्दू धर्मावलम्बी सभक पर्व छी । ई पर्व चैत्र महिनाक शुक्ल पक्षक नवमी तिथीक दिन मनावैत अछी। प्रख्यात हिन्दू धर्म ग्रन्थ रामायणक अनुसार ई दिनके भगवान् श्री राम चन्द्रक जन्म दिनक रुपमे मानावैत अछी । त्रेता युगमे चैत्र शुक्ल नवमीक दिन अयोध्यामे जन्मल भेल श्रीराम दानवीय प्रवृत्तिका रावणक अन्त्य करै जन कल्याण भेल सम्झनामे ई पर्व मनावैत अछी । हिन्दू धर्मावलम्बीसभ रामनवमीक दिन बिहान नहाइधवाइ कऽ राम मन्दिरमे जा पूजा आराधना करैत अछी ।रामनवमीक दिन जनकपुर स्थित रामजानकी मन्दिरमे भव्य मेला लागेत अछी । मेलामे नेपाल तथा भारतक हजारौ श्रद्धालुक भिड होइत अछी । पवित्र पोखरी गङ्गासागरमे स्नान कऽ श्र ...

                                     

ⓘ हिन्दू धर्म

हिन्दू धर्म एक धर्म छी जकर अनुयायी अधिकांशतः भारत,नेपाल आ मॉरिशसमे बहुमतमे अछि । एहिक विश्वक प्राचीनतम धर्म कहल जाइत अछि । एकरा वैदिक सनातन वर्णाश्रम धर्म सेहो कहल जाइत अछि जकर अर्थ होइत अछि कि एकर उत्पत्ति मानवक उत्पत्तिसँ पहिने भेछल । विद्वान लोकसभ हिन्दू धर्म कऽ भारतक विभिन्न संस्कृतीसभ एवं परम्परासभक सम्मिश्रण मानैत छथि जकर कोनो संस्थापक नै अछि ।

ई धर्म अपन भितर बहुतो अलग-अलग उपासना पद्धतीसभ, मत, सम्प्रदाय आ दर्शन समेटिने अछि। अनुयायीसभक संख्याक आधापर ई विश्वक तेसर सभसँ पैग धर्म छी । संख्याक अनुसार एकर अधिकतर उपासक भारतमे अछि आ प्रतिशतक अनुसार नेपालमे अछि । एहिमे बहुतो देवी-देवतासभक पूजा कएल जाइत अछि, मुदा वास्तवमे ई एकेश्वरवादी धर्म छी ।

एकरा सनातन धर्म या वैदिक धर्म सेहो कहल जाइत अछि । इण्डोनेशियामे एहि धर्मक औपचारिक नाम "हिन्दु आगम" अछि । हिन्दू केवल एकटा धर्म या सम्प्रदाय मात्र नै छी अपितु जीवन जीबऽक एक पद्धति छी ।

                                     

1. इतिहास

सनातन धर्म पृथ्वीक सभसँ प्राचीन धर्मसभमे सँ एक छी; मुदा एकर इतिहासक बारेमे बहुतो विद्वानसभक भिन्न मत अछि । आधुनिक इतिहासकार हड़प्पा, मेहरगढ़ आदि पुरातात्विक अन्वेषणसभक अनुसार एहि धर्मक इतिहास किछ हज़ार वर्ष पुरान मानैत अछि । जहि ठाम भारत आ आधुनिक पाकिस्तानी क्षेत्रक सिन्धु घाटी सभ्यतामे हिन्दू धर्मक बहुतो चिह्न मिलैत अछि । एहिमे एक अज्ञात मातृदेवीक मुर्तीसभ, भगवान शिव पशुपति जेहन देवताक मुद्रासभ, शिवलीङ्ग, पीपलक पूजा, इत्यादि मुख्य अछि । इतिहासकारसभक एक दृष्टिकोणक अनुसार ई सभ्यताक अन्त कऽ कालखण्डमे मध्य एशियासँ एक अन्य जातिक आगमन भेल, जे स्वयं कऽ आर्य कहैत छल आ संस्कृत नामक एक हिन्द यूरोपीय भाषा बोलैत छल । एक अन्य दृष्टिकोणक अनुसार सिन्धु घाटी सभ्यताक लोकसभ स्वयं आर्य छल आर हुनकासभक मूलस्थान भारतमे छल ।

आर्यसभक सभ्यता कऽ वैदिक सभ्यता कहैत अछि । पहिनेक दृष्टिकोणक अनुसार लगभग १७०० ईसा पूर्वमे आर्य अफ़्ग़ानिस्तान, कश्मीर, पञ्जाव आ हरियाणामे बसि गेल । तखनसँ ओ लोकसभ हुनकासभक विद्वान ऋषि अपन देवतासभक प्रसन्न करऽक लेल वैदिक संस्कृतमे मन्त्र रचैत छलाह । पहिल चारि वेद रचल गेल, जहिमे ऋग्वेद प्रथम छल । ओकर बादमे उपनिषद जका ग्रन्थ आएल । हिन्दू मान्यताक अनुसार वेद, उपनिषद आदि ग्रन्थ अनादि, नित्य अछि, ईश्वरक कृपासँ अलग-अलग मन्त्रद्रष्टा ऋषिसभ द्वारा अलग-अलग ग्रन्थसभक ज्ञान प्राप्त भेछल जिनकासभक द्वारा पुनः ओकरा लिपिबद्ध कएल गेल । बौद्ध आर धर्मसभक अलग भऽ जेबाक बादमे वैदिक धर्ममे बहुतो परिवर्तन आएल । नव देवता आ नव दर्शनसभ अगाड़ी आएल । एहि अनुसार आधुनिक हिन्दू धर्मक जन्म भेल ।

दोसर दृष्टिकोणक अनुसार हिन्दू धर्मक मूल कदाचित सिन्धु सरस्वती परम्परा जकर स्रोत मेहरगढ़क ६५०० ईपू संस्कृतिमे मिलैत अछि सँ पहिनेक भारतीय परम्परामे अछि ।

                                     

2. निरुक्त

भारतवर्षक प्राचीन ऋषिसभ द्वारा "हिन्दुस्थान" नाम देल गेल छल, जकर अपभ्रंश "हिन्दुस्तान" छी । "बृहस्पति आगम"क अनुसार:

हिमालयात् समारभ्य यावत् इन्दु सरोवरम्। तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थानं प्रचक्षते॥ अर्थात् हिमालयसँ प्रारम्भ भऽ इन्दु सरोवर हिन्द महासागर धरि एहि देव निर्मित देशकऽ हिन्दुस्थान कहल जाइत अछि ।
                                     
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  • अछ ऐ पर वतक च र धर मम पव त र म नल ग ल अछ ज छ ह न द धर म ज न धर म ब न धर म आ ब द ध धर म ऐ पर वत क ल श क स स क त म क ल श कहल ज एत अछ
  • मह न म न त अछ न प ल स थ ह न द धर म वलम ब क वस व स रह व ल क ष त रम व क रम स वतक मह न सभ प रचलनम म नल ज एत अछ ह न द प रचलन ह एव ल व क रम सम वत
  • प ण डव ह न द धर म ग रन थ मह भ रतक म ख य प त रसभ छ प ण डवसभ प च भ ई छल - य ध ष ठ र, भ मस न, अर ज न, नक ल तथ सहद व प ण डवसभक प त क न म प ण ड छल
                                     

पञ्चकन्या (हिन्दू धर्म)

पञ्चकन्या हिन्दू धर्मक पाँच आदर्श नारीसभक समूह छी । हिन्दू धर्मक प्रमुख ग्रन्थ रामायणक अनुसार अहिल्या, द्रौपदी, सीता, तारा आ मन्दोदरीक समूहके पञ्चकन्या कहैत अछि तहिना धार्मिक ग्रन्थ महाभारतक अनुसार सिताके छोड कुन्तीके पञ्चकन्याक समूहमे राखने अछि । पञ्चकन्यासभक विवरण ई प्रकार रहल अछि।

                                     

तिरुपती बेङ्कटेश्वर मन्दिर

तिरुपती बेङ्कटेश्वर मन्दिर तिरुपतिमे अवस्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर छी। तिरुपति भारतक सबसँ प्रसिद्ध तीर्थस्थल मध्ये एक छी। ई आन्ध्र प्रदेशक चित्तूर जिलामे अवस्थित अछि। प्रतिवर्ष लाखो कऽ सङ्ख्यामे दर्शनार्थीसभ आवैत अछि। समुद्र सतहसँ ३२०० फीट उचाई पर अवस्थिम तिरुमलाक पहाड़ पर बनल तिरुपती बेङ्कटेश्वर मन्दिर सबसँ पैग आकर्षणक केन्द्र छी। बहुत शताब्दी पहिने बनल ई मन्दिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला आया शिल्प कला कऽ अदभूत उदाहरण छी।

                                     

बाजीराव द्वितीय

बाजीराव द्वितीय १७७५ – १ जनवरी, १८५१, सन १७९६सँ १८१८धरि मराठा साम्राज्यक पेशवा छल। इनकर समयमे मराठा साम्राज्यक पतन होनाए शुरू भेल। इनकर शासनकालमे अङ्ग्रेजसभक साथ संघर्ष शुरू भेल।

                                     

मिनाक्षी अम्मन मन्दिर

मिनाक्षी अम्मन मन्दिर भारतक तमिलनाडु राज्यक मदुरै शहरमे अवस्थित रहल अछि । ई हिन्दु देवता शिव तथा भार्या देवी पार्वती दुनु समर्पित रहल अछि । दोसर महत्वपुर्ण बात ई अछि कि मत्स्य पाण्डेय राजासभक राजचिन्ह सेहो छी । ई मन्दिर तमिल भाषाक गृहस्थान २,५०० वर्ष पुरान मदुरै शहरक जीवनरेखा छी ।